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आज के समय में खानपान और जीवनशैली का स्वास्थ्य पर असर

आजकल की ज़िंदगी में बदलाव इतनी तेज़ी से हो रहा है कि हम अपने रहने, खाने और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने में अक्सर पीछे रह जाते हैं। शहरी जीवन की तेज़ रफ़्तार, बदलती खानपान की आदतें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ आज हर किसी के जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि आजकल का रहन-सहन और खानपान हमारी सेहत को कैसे प्रभावित कर रहा है, और हम अपनी ज़िंदगी को बेहतर कैसे बना सकते हैं।







आजकल का रहन-सहन


आज के शहरी जीवन में लोग छोटे फ्लैट्स या अपार्टमेंट्स में रहते हैं, जहाँ खुले मैदान और हरियाली की कमी होती है। इससे शारीरिक गतिविधियों में कमी आ जाती है। लोग अपना ज़्यादातर समय कंप्यूटर, मोबाइल या टीवी के सामने बिताते हैं, जिससे शरीर की सक्रियता कम हो जाती है।

कम शारीरिक गतिविधि के कारण मोटापा, डायबिटीज़ और हृदय रोगों का ख़तरा बढ़ जाता है।

शहरी इलाक़ों में प्रदूषण भी लगातार बढ़ रहा है, जो साँस से जुड़ी बीमारियों को बढ़ावा देता है।

तनाव (स्ट्रेस) और चिंता (एंग्ज़ायटी) भी आज के रहन-सहन से जुड़ी आम समस्याएँ हैं, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती हैं।

इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने रहने की जगह को ऐसा बनाएँ जहाँ प्राकृतिक रोशनी और स्वच्छ हवा का अच्छा प्रबंध हो। रोज़ाना कुछ समय बाहर टहलना या व्यायाम करना भी सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है।








खाने की आदतें और उनका बदलता स्वरूप

आजकल के खानपान में भी कई बदलाव आए हैं। फ़ास्ट फ़ूड, प्रोसेस्ड फ़ूड और पैकेज्ड स्नैक्स का चलन तेज़ी से बढ़ा है। ये खाद्य पदार्थ जल्दी मिल जाते हैं और स्वाद में अच्छे लगते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है और अस्वास्थ्यकर वसा (फैट) की मात्रा अधिक होती है।

ज़्यादा तेल, नमक और चीनी वाले भोजन से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ता है।

ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, दालें और अनाज छोड़कर प्रोसेस्ड भोजन लेने से शरीर को ज़रूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाते।

बाहर का खाना अक्सर स्वच्छता के मामले में भी सुरक्षित नहीं होता, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं।

इसलिए अपने भोजन में ताज़गी और पोषण को प्राथमिकता देना चाहिए। घर का बना खाना, जिसमें मौसमी सब्ज़ियाँ, दालें और साबुत अनाज शामिल हों, स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर होता है।





स्वास्थ्य पर प्रभाव


आज की जीवनशैली और खानपान हमारे स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर रहे हैं।

डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है, जिसमें अवसाद (डिप्रेशन) और चिंता आम होती जा रही है।

बच्चों में भी जंक फ़ूड के अधिक सेवन के कारण मोटापा और विटामिन की कमी देखने को मिल रही है।

स्वस्थ रहने के लिए ज़रूरी है कि हम अपनी दिनचर्या में कुछ सकारात्मक बदलाव लाएँ:

  • रोज़ाना व्यायाम या योग को अपनाएँ।

  • संतुलित आहार लें, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स शामिल हों।

  • तनाव कम करने के लिए ध्यान (मेडिटेशन) करें या अपनी रुचियों और शौक़ों को समय दें।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और पूरी नींद लें।





आम ज़िंदगी में सुधार के लिए कुछ सुझाव






  • भोजन में विविधता लाएँ: रोज़ अलग-अलग सब्ज़ियाँ, दालें और अनाज का सेवन करें।

  • प्रोसेस्ड फ़ूड से दूरी बनाएँ: जंक फ़ूड और पैकेज्ड स्नैक्स कम से कम खाएँ।

  • शारीरिक गतिविधि अपनाएँ: रोज़ाना कम से कम 30 मिनट टहलें या व्यायाम करें।

  • पानी पीने की आदत डालें: दिन में 8–10 गिलास पानी पिएँ।

  • नींद का ध्यान रखें: रात को 7–8 घंटे की गहरी नींद लें।

ये छोटे-छोटे बदलाव आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

 
 
 

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